Budget 2026 का मास्टरस्ट्रोक! Solar Panel सस्ते होंगे, सरकार ने इस जरूरी चीज़ पर Tax किया जीरो!

Durgesh Paptwan
Durgesh Paptwan | February 2, 2026
Union Budget 2026 Cuts Solar Panel Costs

Union Budget 2026 को अगर रिन्यूएबल एनर्जी के लिहाज़ से देखा जाए तो इसे एक बड़ा गेमचेंजर कहना गलत नहीं होगा। इस बजट में सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका सीधा फायदा न सिर्फ सोलर इंडस्ट्री को मिलेगा बल्कि आम लोगों तक सस्ती और साफ बिजली पहुंचाने का रास्ता भी और आसान होगा। खास तौर पर Solar Panel बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक अहम कच्चे माल पर टैक्स को पूरी तरह खत्म करना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और कीमतों दोनों पर गहरा असर डालेगा।

Solar Manufacturing को मिली बड़ी राहत

यूनियन बजट 2026-27 में सरकार ने सोडियम एंटीमोनैट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 7.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। यह वही रॉ मटेरियल है, जिसका इस्तेमाल फोटोवोल्टिक सोलर ग्लास बनाने में होता है। सोलर ग्लास पैनल का बेहद अहम हिस्सा होता है, क्योंकि इसी से पैनल की पारदर्शिता, मजबूती और लाइट ट्रांसमिशन तय होता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक सोलर ग्लास कुल मॉड्यूल कॉस्ट का करीब 8 से 12 प्रतिशत हिस्सा होता है, ऐसे में इस पर टैक्स हटने से पैनल बनाने की लागत में सीधी कमी आएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय साफ कहा कि इस कदम का मकसद घरेलू वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना, मॉड्यूल की कीमत कम करना और भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को तेजी से बढ़ाना है। इससे भारतीय कंपनियां ग्लोबल मार्केट में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगी।

सस्ते Solar Panel और मजबूत आत्मनिर्भरता

ड्यूटी जीरो होने से सोलर पैनल मैन्युफैक्चरर्स की इनपुट कॉस्ट घटेगी, जिसका असर आने वाले समय में पैनल की कीमतों पर दिखेगा। यानी आम उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम लगवाना और सस्ता हो सकता है। इसके साथ ही घरेलू सोलर ग्लास मैन्युफैक्चरिंग में नए निवेश आने की उम्मीद है, जिससे भारत का इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

न्यू और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी इस फैसले को घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने वाला बताया है। यह कदम भारत को एक ग्लोबल सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है, खासकर तब जब दुनिया भर में हाई-क्वालिटी पीवी मॉड्यूल की मांग तेजी से बढ़ रही है।

Renewable Energy Budget में 30% की छलांग

सिर्फ टैक्स छूट ही नहीं, बल्कि बजट 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए आवंटन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाया गया है। सरकार ने इस सेक्टर का बजट 30 प्रतिशत बढ़ाकर ₹32,914.7 करोड़ कर दिया है, जो पिछले साल के रिवाइज्ड अनुमानों से कहीं ज्यादा है। यह बढ़ोतरी साफ दिखाती है कि सरकार का फोकस अब सिर्फ क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रिड इंटीग्रेशन, एनर्जी स्टोरेज और घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी है।

इसके अलावा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए ₹22,000 करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। इस योजना का लक्ष्य मार्च 2026 तक 40 लाख घरों और 2027 तक एक करोड़ घरों तक सोलर बिजली पहुंचाना है। सरकार इस स्कीम के तहत रूफटॉप सोलर लगाने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है, जिससे आम परिवारों के लिए बिजली बिल कम करना आसान हो जाता है।

आम लोगों और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा

इन सभी फैसलों का सबसे बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलने वाला है। सोलर पैनल सस्ते होंगे, सब्सिडी ज्यादा मिलेगी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होने से भरोसेमंद सप्लाई भी बनेगी। ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम के जरिए घर अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली बनाकर ग्रिड में भेज सकते हैं और क्रेडिट कमा सकते हैं, जबकि ऑफ-ग्रिड सिस्टम उन इलाकों के लिए फायदेमंद हैं जहां ग्रिड कनेक्शन नहीं है।

सरकार का अनुमान है कि पीएम सूर्य घर योजना से न सिर्फ परिवारों के बिजली खर्च में कमी आएगी, बल्कि सालाना करीब ₹75,000 करोड़ की बचत भी होगी। साथ ही यह कदम भारत के 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर Budget 2026 ने साफ कर दिया है कि भारत का सोलर और क्लीन एनर्जी भविष्य अब और तेज़, सस्ता और आत्मनिर्भर होने वाला है।

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