PM सूर्यघर योजना से हटकर SBI की नई स्कीम: सोलर से रोशन होंगे लाखों घर, 70 साल पूरे होने पर बड़ा ऐलान

Durgesh Paptwan
Durgesh Paptwan | January 28, 2026

देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने 70 साल पूरे होने के मौके पर एक बेहद खास और ऐतिहासिक योजना की घोषणा की है। यह योजना देश की ऊर्जा जरूरतों को हरित दिशा में ले जाने के लिए एक बड़ा कदम है। SBI ने बताया है कि वह वित्त वर्ष 2026-27 तक देश के 40 लाख घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की योजना पर काम कर रहा है। यह योजना खासतौर पर उन घरों के लिए है, जहां अब भी बिजली की उपलब्धता सीमित है या पूरी तरह से नहीं है। इस योजना के तहत SBI लाखों घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाएगा जिससे वे अपने लिए बिजली खुद तैयार कर सकें।

sbi new scheme for rooftop solar

SBI की नई योजना क्यों है खास?

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से अलग और स्वतंत्र है। जहां PM योजना का लक्ष्य 1 करोड़ घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाना है, वहीं SBI की योजना का लक्ष्य अपने बलबूते पर ही 40 लाख घरों तक सोलर एनर्जी को पहुंचाना है। इस योजना के जरिए न केवल लोगों को सस्ती और सतत बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, बल्कि यह कदम पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक होगा। SBI का कहना है कि यह योजना भारत के अक्षय ऊर्जा परिवर्तन में बैंक की अग्रणी भूमिका को दर्शाती है और बैंक की सामाजिक ज़िम्मेदारी का एक मजबूत उदाहरण है।

SBI की योजना में सोलर पैनल की स्थापना के लिए विशेष लोन स्कीम शुरू की गई है, जिसमें कम ब्याज दरें और लंबी अवधि की पुनर्भुगतान सुविधा शामिल है। उदाहरण के लिए 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने की लागत लगभग 1.45 लाख रुपये है, जिसमें सरकार द्वारा 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। SBI का लोन इस शेष राशि को कवर करने में मदद करेगा जिससे आम लोग बिना आर्थिक बोझ के सोलर सिस्टम स्थापित कर सकेंगे।

70 साल पूरे होने पर मिला ग्रीन मिशन का तोहफा

SBI ने यह योजना तब घोषित की जब उसने अपनी स्थापना के 70 साल पूरे किए। इस अवसर पर बैंक ने यह साफ कर दिया कि वह केवल बैंकिंग सेवाएं देने तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि समाज के हर क्षेत्र में योगदान देना चाहता है। बैंक ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में उसका कृषि ऋण ₹3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके अलावा बैंक ने अपने CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत ₹610.8 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिनका सीधा लाभ देश के 94 महत्वाकांक्षी जिलों को मिला है। बैंक की इन पहलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।

ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट फ्यूचर की ओर कदम

SBI अब पारंपरिक बैंकिंग से आगे बढ़ते हुए ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर्स, ग्रीन हाइड्रोजन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए युग के व्यवसायों के लिए भी वित्तपोषण कर रहा है। इसके लिए बैंक ने उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) स्थापित करने की योजना बनाई है। बैंक की तरफ से कावेरी घाटी में 9 लाख पेड़ों का रोपण, वंचित छात्रों को शिक्षा में सहयोग और दिव्यांगजनों को उपकरण देने जैसी गतिविधियाँ की जा रही हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। यह दिखाता है कि SBI देश के सतत विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।

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